केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा के लिए मांगी गई जानकारी भी नहीं कराई उपलब्ध, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी
देहरादून। सरकारी कामकाज में लापरवाही और विभागीय जिम्मेदारियों के प्रति उदासीनता बरतने पर जिलाधिकारी आशीष चौहान ने जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। केंद्र पोषित योजनाओं की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने और जरूरी सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराने पर डीएम ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण तलब किया है।
जानकारी के अनुसार, भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के अपर सचिव की अध्यक्षता में केंद्र पोषित योजनाओं के क्रियान्वयन और प्रगति की समीक्षा के लिए बैठक आयोजित की जानी थी। इसके लिए संबंधित विभागों को योजनाओं की प्रगति से जुड़ी आवश्यक जानकारियां और अभिलेख उपलब्ध कराने के साथ बैठक में प्रतिभाग करने के निर्देश दिए गए थे।
आरोप है कि जिला समाज कल्याण अधिकारी ने न तो निर्धारित सूचनाएं उपलब्ध कराईं और न ही बैठक में स्वयं उपस्थित हुए। इतना ही नहीं, उन्होंने अपनी जगह किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी को भी बैठक में प्रतिभाग करने के लिए नामित नहीं किया।
जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से निर्देशित करते हुए भी याद दिलाया गया था कि मांगी गई जानकारी समय पर उपलब्ध कराई जाए और विभाग की ओर से किसी जिम्मेदार अधिकारी या कर्मचारी की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद न तो आवश्यक सूचनाएं मिलीं और न ही इस संबंध में कोई संतोषजनक संवाद किया गया।
डीएम ने इस पूरे प्रकरण को पदेन दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही और कार्यों के प्रति उदासीनता मानते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में अधिकारी से लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने अथवा स्पष्टीकरण संतोषजनक न पाए जाने पर एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है।
संभावित कार्रवाई में अनुशासनात्मक कार्रवाई, जिम्मेदारी निर्धारित करने, वेतन आहरण प्रतिबंधित करने और प्रतिकूल प्रविष्टि देने जैसे कदम शामिल हैं।
वहीं, जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने इस संबंध में अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी ओर से मामले में जवाब दे दिया गया है।
