एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस के सवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

उत्तराखण्ड

देहरादून।

विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। पार्टी ने पहले चरण में कथित अनियमितताओं का समाधान किए बिना दूसरे चरण की प्रक्रिया शुरू किए जाने पर आपत्ति जताई और व्यवस्था में सुधार की मांग की।

शुक्रवार को चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत और चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम से मुलाकात कर विभिन्न बिंदुओं पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

ये भी पढ़ें:  गदरपुर में मुख्यमंत्री धामी ने किया शहीद ऊधम सिंह की प्रतिमा का अनावरण, विकास कार्यों का शुभारंभ

ज्ञापन में कांग्रेस ने कहा कि एसआईआर के पहले चरण में सामने आई कमियों और विसंगतियों का निराकरण किए बिना दूसरे चरण की सुनवाई शुरू कर दी गई है, जिससे मतदाताओं के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। पार्टी का कहना है कि इससे पूरी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि कई स्थानों पर दावे और आपत्तियों की सुनवाई के लिए एक ही समय में दो अलग-अलग मतदान केंद्रों पर एक ही सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ) की ड्यूटी लगाई गई है। पार्टी के अनुसार पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यह व्यवस्था व्यावहारिक नहीं है और इससे मतदाताओं की शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में बाधा आ सकती है।

ये भी पढ़ें:  युवा शक्ति ही विकसित भारत की सबसे बड़ी ताकत : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी

पार्टी ने मतदाता मैपिंग में भी गंभीर विसंगतियों का आरोप लगाया। कांग्रेस का कहना है कि कई ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय एवं स्थायी निवासियों के नामों पर बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज की गई हैं, जिससे मतदाताओं में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो रही है।

डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि एसआईआर अभियान के दौरान कई स्तरों पर गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं, जबकि प्रीतम सिंह ने आरोप लगाया कि अभियान के पहले चरण की शुरुआत में अनेक बूथ स्तर अधिकारियों (बीएलओ) को आवश्यक जानकारी और अभिलेख समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए।

ये भी पढ़ें:  उत्तराखंड में MBBS के बाद 3 साल सरकारी सेवा अनिवार्य! तभी मिलेगी PG की अनुमति

कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर एसआईआर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, त्रुटिरहित और मतदाता हितों के अनुरूप संचालित करने की मांग की है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *