SIR बैठक में भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, मतदाता सूची की आपत्तियों को लेकर तीखी नोकझोंक; भाजपाइयों का धरना

उत्तराखण्ड

रुद्रपुर। विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सोमवार को कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में मतदाता सूची की आपत्तियों और कथित दोहरे मतों को लेकर भाजपा और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों पक्षों ने प्रशासन के सामने अपना-अपना पक्ष रखा। विवाद बढ़ने के बाद भाजपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट कक्ष के बाहर धरना देकर विरोध जताया।

डबल वोट और आपत्तियों का मुद्दा उठा

बैठक के बाद पूर्व भाजपा विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि मतदाता सूची में आपत्ति दर्ज कराना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने दावा किया कि SIR के दौरान कुछ स्थानों पर डबल वोट और संदिग्ध मतदाता प्रविष्टियों को लेकर आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। उन्होंने कहा कि इन मामलों की जांच निर्वाचन आयोग और प्रशासन को नियमानुसार करनी चाहिए।

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आपत्तिकर्ताओं को धमकाने का आरोप

राजेश शुक्ला ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को आपत्तियां वापस लेने के लिए कथित तौर पर फोन पर धमकाया जा रहा है और उनके घरों तक जाकर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने ऐसे मामलों की शिकायत पुलिस से किए जाने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

बैठक में कांग्रेस नेता से तीखी बहस

भाजपा नेता के अनुसार, बैठक में आपत्तिकर्ताओं को धमकाने का मुद्दा उठाने के दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल के साथ उनकी तीखी बहस हुई। शुक्ला ने आरोप लगाया कि बहस के दौरान अभद्र भाषा और धमकी देने जैसी स्थिति बनी। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

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कलेक्ट्रेट के बाहर भाजपाइयों ने दिया धरना

बैठक के बाद विवाद बढ़ने पर भाजपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट कक्ष के बाहर धरना शुरू कर दिया। किच्छा के पूर्व विधायक राजेश शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिंदल, रुद्रपुर विधायक शिव अरोड़ा समेत कई पार्टी पदाधिकारी धरने पर बैठे और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी की।

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निष्पक्ष जांच की मांग

भाजपा नेताओं ने प्रशासन से मांग की कि मतदाता सूची में सामने आई आपत्तियों की निष्पक्ष जांच की जाए और किसी भी आपत्तिकर्ता को डराने या दबाव बनाने की शिकायत पर कार्रवाई हो। उनका कहना है कि SIR का उद्देश्य नियमों के अनुरूप शुद्ध और निष्पक्ष मतदाता सूची तैयार करना है।

फिलहाल पूरे मामले में प्रशासन और पुलिस की आगामी कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। दोनों दलों के आरोपों के बीच SIR प्रक्रिया को लेकर रुद्रपुर में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।

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