SOG बनकर आए हथियारबंद बदमाश, ऑफिस में बंधक बनाकर लाखों की लूट

अपराध उत्तराखण्ड

हल्द्वानी। बरेली रोड स्थित गोरापड़ाव क्षेत्र में बुधवार देर रात हथियारबंद बदमाशों ने एक कमर्शियल ऑफिस में घुसकर सनसनीखेज लूट को अंजाम दिया। बदमाशों ने खुद को पुलिस की एसओजी टीम बताकर वहां मौजूद लोगों को धमकाया और तलाशी के नाम पर करीब 8 लाख रुपये की नकदी, सोने के जेवर और 12 मोबाइल फोन लूट लिए। वारदात के बाद सभी आरोपी दो वाहनों में सवार होकर फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ितों से जानकारी जुटाई। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए चार अलग-अलग टीमें गठित की गई हैं।

अचानक ऑफिस में घुसे हथियारबंद बदमाश

जानकारी के अनुसार, गोरापड़ाव क्षेत्र स्थित एक ऑफिस में देर रात कुछ कारोबारी और प्रॉपर्टी डीलर मौजूद थे। इसी दौरान एक कार ऑफिस के बाहर आकर रुकी। उसमें से कई हथियारबंद लोग बाहर निकले और खुद को एसओजी टीम का सदस्य बताते हुए ऑफिस में दाखिल हो गए।

ये भी पढ़ें:  UKSSSC ने सात भर्तियों का संशोधित कैलेंडर जारी किया, 101 पदों पर भर्ती का विज्ञापन भी जारी

बदमाशों ने पुलिस की कार्रवाई का भय दिखाते हुए वहां मौजूद लोगों को हथियारों के बल पर धमकाया। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोग घबरा गए और विरोध नहीं कर सके।

नकदी के साथ जेवर भी लूटे

बदमाशों ने ऑफिस में रखी करीब 8 लाख रुपये की नकदी अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद वहां मौजूद लोगों की तलाशी ली गई। आरोप है कि हथियारों के बल पर लोगों से सोने की चेन और अंगूठियां भी उतरवा ली गईं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बदमाश करीब दो सोने की चेन और कई अंगूठियां अपने साथ ले गए। वारदात के दौरान आरोपितों ने लोगों को जान से मारने की धमकी भी दी।

पुलिस को सूचना देने से रोकने के लिए मोबाइल भी ले गए

लूट की घटना को अंजाम देने के बाद बदमाशों ने वहां मौजूद लोगों के करीब 12 मोबाइल फोन भी छीन लिए। माना जा रहा है कि तत्काल पुलिस को सूचना न मिल सके, इसलिए मोबाइल अपने कब्जे में लिए गए।

ये भी पढ़ें:  सरस्वती ताल और केदारताल के लिए दल रवाना

वारदात के बाद बदमाश ऑफिस से बाहर निकले और दो वाहनों में सवार होकर बरेली रोड की ओर फरार हो गए।

चार टीमें तलाश में जुटीं

घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी मनोज कुमार कत्याल, सीओ और कोतवाल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ पीड़ितों से पूछताछ की।

पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। बदमाशों के आने और भागने वाले रास्तों पर लगे कैमरों से वाहनों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अलावा सर्विलांस टीम भी संभावित सुराग जुटा रही है।

ये भी पढ़ें:  राज्य में विकास को नई रफ्तार, रतूड़ा में ₹48.84 करोड़ से बनेगा भव्य अतिथि गृह; रेसकोर्स में 48 नए आवास

एसपी सिटी के अनुसार, घटना की गंभीरता को देखते हुए चार पुलिस टीमें गठित की गई हैं। पुलिस आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश और जांच कर रही है।

रेकी और मुखबिरी के एंगल पर भी जांच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बदमाशों को ऑफिस में मौजूद लोगों, वहां होने वाली गतिविधियों और नकदी की जानकारी कैसे मिली। वारदात से पहले इलाके की रेकी किए जाने की आशंका को भी जांच के दायरे में रखा गया है।

खुद को एसओजी बताकर पुलिस की कार्रवाई का डर पैदा करने का तरीका भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा है। फिलहाल अज्ञात आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई के साथ पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *