दीपावली पर वेतन नहीं मिला तो कर्मचारियों ने परिसर में मांगी भीख, समान वेतन के लिए किया प्रदर्शन

उत्तराखण्ड

रानीचौरी औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय में उपनल और संविदा कर्मियों का सांकेतिक धरना, बढ़े हुए मानदेय की मांग; जल्द समाधान नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी

टिहरी गढ़वाल। उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, रानीचौरी में उपनल और संविदा कर्मचारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है। लंबे समय से समान कार्य के लिए समान वेतन और बढ़े हुए मानदेय की मांग पूरी नहीं होने से नाराज कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय परिसर में सांकेतिक धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने प्रतीकात्मक रूप से भीख मांगकर अपनी आर्थिक बदहाली और वेतन संबंधी समस्याओं के प्रति शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया।

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प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का कहना है कि वे लंबे समय से विश्वविद्यालय में पूरी जिम्मेदारी और निष्ठा के साथ सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उनके कार्य के अनुरूप वेतन नहीं मिल रहा है। कम मानदेय के कारण परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। कर्मचारियों ने नाराजगी जताई कि दीपावली जैसे महत्वपूर्ण त्योहार पर भी उन्हें वेतन नहीं मिल पाया, जिससे परिवारों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ा।

कर्मचारियों के अनुसार, कुछ समय पहले उनसे एग्रीमेंट और बॉन्ड भी भरवाए गए थे, लेकिन अब तक बढ़े हुए मानदेय का लाभ नहीं दिया गया। उन्होंने सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों, शासनादेशों और निर्धारित नियमों के अनुरूप पात्र कर्मचारियों को समान कार्य के लिए समान वेतन देने की मांग उठाई।

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वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि कर्मचारियों के वेतन निर्धारण की प्रक्रिया विश्वविद्यालय स्तर पर पूरी कर शासन को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। विश्वविद्यालय के डीन के अनुसार, उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में कर्मचारियों के पदों और पात्रता के आधार पर वेतन निर्धारण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, लेकिन अभी तक शासन से स्वीकृति और बजट उपलब्ध नहीं हो पाया है।

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डीन ने बताया कि कुछ कर्मचारी फिलहाल उपनल के माध्यम से मिलने वाले वेतन पर काम करने को तैयार हैं, जबकि अधिकांश कर्मचारी बढ़े हुए मानदेय की मांग कर रहे हैं। शासन स्तर से संबंधित कर्मचारियों के नाम पर स्वीकृति मिलने के बाद ही बढ़ा हुआ मानदेय जारी किया जा सकेगा।

इधर, कर्मचारियों ने कुलपति को ज्ञापन भेजकर मांग की है कि पात्र कर्मचारियों को नियमानुसार समान कार्य के लिए समान वेतन का लाभ दिया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द उनकी मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

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