मसूरी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर बवाल, धार्मिक ढांचा हटने के बाद हाईवे जाम, प्रशासन बोला- पालिका भूमि पर था कब्जा

उत्तराखण्ड

मसूरी।

मसूरी के लक्ष्मणपुरी क्षेत्र में शनिवार को नगर पालिका की भूमि पर बने एक धार्मिक ढांचे को हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। कार्रवाई के विरोध में मुस्लिम समुदाय के लोग बड़ी संख्या में सड़क पर उतर आए और राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई को पक्षपातपूर्ण बताया। हालांकि प्रशासन ने स्पष्ट किया कि संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की है तथा सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करने के बाद ही अतिक्रमण हटाया गया।

प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर कार्रवाई की गई, वह कोई नई संरचना नहीं थी, बल्कि वर्षों से धार्मिक एवं सामाजिक उपयोग में आने वाला स्थल था। समुदाय के लोगों का दावा है कि यह स्थान लगभग 200 वर्ष पुराना है और यहां उनके पूर्वजों को दफनाया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन जिस ढांचे को मस्जिद बता रहा है, वह नियमित नमाज के लिए उपयोग होने वाली मस्जिद नहीं, बल्कि अंतिम संस्कार के बाद जनाजे की नमाज अदा करने के लिए बनाया गया टीनशेड था।

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प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उनकी धार्मिक भावनाओं की अनदेखी करते हुए कार्रवाई की गई। उनका कहना था कि यदि भूमि वास्तव में सरकारी थी तो इतने वर्षों तक इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में संवाद और सहमति के आधार पर समाधान निकालने की मांग की।

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विरोध प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात बाधित रहा। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सुचारु कराया।

इस मामले में उपजिलाधिकारी (एसडीएम) मसूरी राहुल आनंद ने बताया कि राजस्व विभाग, नगर पालिका परिषद, छावनी परिषद और वक्फ बोर्ड के अभिलेखों की संयुक्त जांच में संबंधित भूमि नगर पालिका परिषद की पाई गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह भूमि न तो वक्फ बोर्ड की है और न ही किसी निजी व्यक्ति अथवा समुदाय के स्वामित्व में है।

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एसडीएम के अनुसार प्रशासन ने कार्रवाई से पहले संबंधित पक्ष को तीन बार नोटिस जारी कर स्वेच्छा से अतिक्रमण हटाने का अवसर दिया था। निर्धारित समय में अनुपालन नहीं होने पर नियमानुसार पुलिस बल की मौजूदगी में अतिक्रमण हटाया गया। प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में रहकर की गई है।

फिलहाल क्षेत्र में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है और प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

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