सितारगंज (ऊधम सिंह नगर)।
ऊधम सिंह नगर के सितारगंज तहसील में 14 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में विजिलेंस की ट्रैप कार्रवाई के बाद विवाद गहरा गया है। दो कर्मचारियों की गिरफ्तारी के विरोध में राजस्व कर्मचारी संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। विरोध प्रदर्शन के चलते पूरी रात तहसील परिसर में तनावपूर्ण माहौल बना रहा, जबकि प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के ऐलान से राजस्व सेवाओं के प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
बुधवार को सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने ट्रैप कार्रवाई करते हुए संग्रह अमीन मदन लाल शर्मा और वरिष्ठ सहायक भूपेंद्र सिंह राणा को कथित रूप से 14 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने भूमि कुर्की की कार्रवाई समाप्त कराने, जमीन को बंधनमुक्त करने तथा शिकायतकर्ता की पत्नी के केसीसी ऋण से संबंधित आरसी निरस्त कराने के बदले रिश्वत की मांग की थी। शिकायत के सत्यापन के बाद विजिलेंस ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
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गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में राजस्व कर्मचारी तहसील परिसर में एकत्र हो गए और विजिलेंस कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। कर्मचारियों का कहना है कि संबंधित अधिकारी नियमित सरकारी कार्य कर रहे थे और उनके खिलाफ की गई कार्रवाई अनुचित है। विरोध के कारण विजिलेंस टीम देर रात तक तहसील परिसर में ही रुकी रही। इस दौरान अधिकारियों और कर्मचारी नेताओं के बीच कई दौर की वार्ता हुई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका।
घटनाक्रम के दौरान गिरफ्तार कर्मचारी के परिजन भी तहसील पहुंचे। पूर्व विधायक प्रेम सिंह राणा ने भी मौके पर पहुंचकर अधिकारियों से बातचीत की और पूरे मामले की जानकारी ली। हालांकि देर रात तक स्थिति सामान्य नहीं हो सकी।
राजस्व कर्मचारी संयुक्त परिषद सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। संगठनों का आरोप है कि नियमित राजस्व कार्यवाही को रिश्वत का मामला बताकर कर्मचारियों की छवि धूमिल की जा रही है।
विरोध स्वरूप प्रदेशभर के राजस्व कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की घोषणा कर दी है। यदि आंदोलन लंबा चला तो नामांतरण, आय, जाति एवं निवास प्रमाणपत्र, भू-अभिलेख, राजस्व वसूली समेत कई आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।
उधर, विजिलेंस का कहना है कि कार्रवाई शिकायत के सत्यापन और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर विधिक प्रक्रिया के तहत की गई है। फिलहाल सितारगंज तहसील में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम तथा प्रशासन और कर्मचारी संगठनों के बीच होने वाली वार्ता पर टिकी हैं।
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