बहू की बहादुरी से टला बड़ा हादसा: हंसिया लेकर बाघ से भिड़ी, सास की बचाई जान

उत्तराखण्ड

रामनगर के कुनखेत गांव में घास काटने के दौरान बाघ ने किया हमला, घायल महिला को हायर सेंटर रेफर; वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

रामनगर। रामनगर क्षेत्र के कुनखेत गांव में एक महिला की अदम्य बहादुरी ने उसकी सास की जान बचा ली। घास काटने के दौरान अचानक बाघ ने बुजुर्ग महिला पर हमला कर दिया। इस दौरान बहू ने बिना अपनी जान की परवाह किए हाथ में मौजूद हंसिया से बाघ का सामना किया। बहू के साहसिक प्रतिरोध के आगे बाघ को पीछे हटना पड़ा और वह जंगल की ओर भाग गया।

जानकारी के अनुसार, कुनखेत गांव के समीप एक होटल के पास बसंती देवी अपनी बहू मोहिनी देवी के साथ मवेशियों के लिए घास काटने गई थीं। बसंती देवी घास काट रही थीं, जबकि मोहिनी घास इकट्ठा कर रही थीं। इसी दौरान झाड़ियों में छिपा बाघ अचानक बाहर निकला और बसंती देवी पर हमला कर दिया।

ये भी पढ़ें:  उत्तराखंड चुनाव 2027: मतदान केंद्रों पर पहली बार मिलेगी मोबाइल जमा करने की सुविधा, वोटर आईडी भी 15 दिन में होगी जारी

हंसिया से किया बाघ का सामना

घटना के दौरान मोहिनी देवी ने पहले शोर मचाकर बाघ को भगाने का प्रयास किया, लेकिन जब बाघ पीछे नहीं हटा और उनकी सास की जान खतरे में पड़ गई, तो उन्होंने साहस का परिचय देते हुए हाथ में मौजूद हंसिया से बाघ पर लगातार वार किए। बहू के अप्रत्याशित प्रतिरोध से बाघ हमला छोड़कर जंगल की ओर भाग गया।

ये भी पढ़ें:  अल्मोड़ा की गर्विता भाकुनी को राष्ट्रीय सम्मान, राष्ट्रपति भवन के ‘एट होम’ रिसेप्शन में करेंगी शिरकत

गंभीर रूप से घायल महिला हायर सेंटर रेफर

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल बसंती देवी को रामनगर के संयुक्त चिकित्सालय पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया।

वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में वनकर्मियों की तैनाती बढ़ा दी गई। विभाग ने बाघ की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए जल्द ही कैमरा ट्रैप लगाने की बात कही है। साथ ही ग्रामीणों से जंगल के आसपास विशेष सतर्कता बरतने और अकेले जंगल में न जाने की अपील की गई है।

ये भी पढ़ें:  एसआईआर प्रक्रिया पर कांग्रेस के सवाल, मुख्य निर्वाचन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन

मानव-वन्यजीव संघर्ष फिर बना चिंता का विषय

कुनखेत की इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर चुनौती को उजागर किया है। वहीं, अपनी जान जोखिम में डालकर सास की रक्षा करने वाली मोहिनी देवी की बहादुरी की पूरे क्षेत्र में सराहना हो रही है। ग्रामीणों ने उनके साहस को प्रेरणादायक बताते हुए प्रशासन से प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।

What do you feel about this post?

0%
like

Like

0%
love

Love

0%
happy

Happy

0%
haha

Haha

0%
sad

Sad

0%
angry

Angry

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *