अवैध प्लॉटिंग पर एमडीडीए का शिकंजा, झाझरा में पांच बीघा प्लॉटिंग ध्वस्त

उत्तराखण्ड

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी अभियान के तहत झाझरा क्षेत्र में करीब पांच बीघा भूमि पर की जा रही अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया। प्राधिकरण की कार्रवाई से अवैध रूप से प्लॉटिंग करने वालों में हड़कंप मचा है।

एमडीडीए के अनुसार प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण और प्लॉटिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सेक्टरवार टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों और ले-आउट से संबंधित मामलों की लगातार निगरानी कर रही हैं। विकासनगर, सहसपुर, ऋषिकेश, रायपुर और डोईवाला समेत विभिन्न क्षेत्रों में भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

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पांच बीघा भूमि पर हो रही थी प्लॉटिंग

इसी क्रम में एमडीडीए की टीम ने नंदा एन्क्लेव, सैनिक कॉलोनी, एलपी विलाश के सामने झाझरा में चरनपाल आदि के स्थल का निरीक्षण किया। यहां करीब पांच बीघा भूमि पर डिमार्केशन कर प्लॉटिंग की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान मौके पर स्वीकृत तलपट मानचित्र प्रस्तुत नहीं किया गया।

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प्राधिकरण ने मामले में नियमानुसार वाद दायर कर जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की। प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्थल पर की जा रही समस्त अनधिकृत प्लॉटिंग को ध्वस्त कर दिया गया।

बिना स्वीकृति प्लॉटिंग पर कार्रवाई

एमडीडीए की ओर से स्पष्ट किया गया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित प्रक्रिया का पालन किए की जा रही प्लॉटिंग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। प्राधिकरण का कहना है कि अभियान का उद्देश्य अवैध निर्माण पर रोक लगाने के साथ ही लोगों को अनधिकृत प्लॉटिंग से होने वाले संभावित नुकसान के प्रति जागरूक करना भी है।

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जमीन खरीदने से पहले जांच की अपील

प्राधिकरण ने लोगों से अपील की है कि किसी भी भूखंड को खरीदने से पहले उसकी वैधानिक स्थिति, स्वीकृत ले-आउट और संबंधित दस्तावेजों की जांच अवश्य कर लें। एमडीडीए की सेक्टरवार टीमें ऐसे मामलों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

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