कांग्रेस नेताओं की छवि धूमिल करने का आरोप, प्रदेश अध्यक्ष से लेकर एसएसपी तक शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल
देहरादून। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर संचालित ‘वसूली अभियान मोर्चा’ नामक अकाउंट को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस नेताओं की राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य से कथित तौर पर आपत्तिजनक और कूटरचित पोस्ट किए जाने का आरोप लगाते हुए पार्टी नेताओं ने पुलिस-प्रशासन से संबंधित अकाउंट के संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
कांग्रेस की ओर से जारी शिकायत में कहा गया है कि इस सोशल मीडिया अकाउंट के माध्यम से लगातार पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाकर पोस्ट और वीडियो प्रसारित किए जा रहे हैं। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इन पोस्टों का उद्देश्य उनकी राजनीतिक छवि खराब करना और समाज में उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना है।

पहले भी की जा चुकी है शिकायत
कांग्रेस के अनुसार, इस मामले को लेकर तत्कालीन प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने 28 दिसंबर 2025 को लिखित शिकायत देकर संबंधित लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
इसके बाद कार्रवाई नहीं होने पर वरिष्ठ कांग्रेसजनों के एक प्रतिनिधिमंडल ने 14 जनवरी 2026 को पत्र संख्या सीपीपीसीसी/1288/26 के माध्यम से दोबारा शिकायत दर्ज कर कार्रवाई का अनुरोध किया। कांग्रेस का दावा है कि इसके बावजूद मामले में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
करन माहरा और हरीश रावत को लेकर भी पोस्ट का आरोप
शिकायत के मुताबिक, कार्रवाई नहीं होने के बाद 28 फरवरी 2026 को ‘वसूली अभियान मोर्चा’ के फेसबुक पेज पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की राजनीतिक एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को प्रभावित करने के उद्देश्य से एक वीडियो पोस्ट किया गया।
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को लेकर भी कई बार ऐसी पोस्ट प्रसारित की गईं। इसके अलावा शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 7 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री आवास घेराव के दौरान उनके संबंध में भी एक वीडियो पोस्ट कर उनकी छवि और चरित्र को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
एसएसपी से भी शिकायत का दावा
शिकायतकर्ता के अनुसार, मुख्यमंत्री आवास घेराव से जुड़े वीडियो को लेकर उन्होंने देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के समक्ष भी शिकायत दर्ज कराई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से संबंधित सोशल मीडिया अकाउंट संचालकों के हौसले बढ़ रहे हैं।
कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया पोस्टों की जांच कर संबंधित अकाउंट संचालक की पहचान की जाए और यदि पोस्ट कानून का उल्लंघन करती हैं तो नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।
सोशल मीडिया पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज
उत्तराखंड की राजनीति में सोशल मीडिया के जरिए आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज हो रहा है। कांग्रेस का कहना है कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन किसी नेता की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए कथित तौर पर भ्रामक या कूटरचित सामग्री का इस्तेमाल स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
फिलहाल कांग्रेस की शिकायत के बाद पुलिस की ओर से इस मामले में क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
